बिल्डरों की लिस्ट बनाकर दहशत फैलाने की साजिश का खुलासा: लॉरेंस बिश्नोई गैंग
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर व आसपास के इलाकों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच में अब एक और खुलासा हुआ है। पुलिस जांच और पूछताछ में आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि गैंग मध्य प्रदेश के बड़े बिल्डरों और कारोबारियों की पहले एक विस्तृत सूची तैयार करता था।
सूत्रों के मुताबिक इस सूची को गैंग से जुड़े स्थानीय सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था, जिसके बाद उन कारोबारियों पर दबाव बनाने और वसूली की रणनीति तैयार की जाती थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरी योजना का उद्देश्य सिर्फ रंगदारी वसूलना नहीं, बल्कि दहशत का माहौल बनाकर पूरे कारोबार जगत पर नियंत्रण स्थापित करना था।
पुलिस के अनुसार गैंग की कार्यप्रणाली में पहले रैकी कराई जाती, फिर टारगेट किए गए बिल्डरों और प्रॉपर्टी कारोबारियों को धमकीभरे कॉल किए जाते थे। अगर कोई कारोबारी मांग पूरी करने से इनकार करता, तो उसे डराने के लिए हमले जैसी घटनाओं की साजिश रची जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में स्थानीय अपराधियों का इस्तेमाल कर धमकी, फायरिंग और रेकी जैसी वारदातों को अंजाम दिया गया। पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है और इसमें मध्य प्रदेश के साथ अन्य राज्यों के भी संपर्क जुड़े हो सकते हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने इसी सिलसिले में हाल ही खरगोन जेल से रिमांड पर लिए गए आरोपी राजपालसिंह चंद्रावत से पूछताछ तेज कर दी है। पूछताछ में विदेशी ट्रांजेक्शन, गैंग के सहयोगियों और कॉल नेटवर्क को लेकर भी अहम जानकारी मिलने की बात सामने आ रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच सिर्फ कुछ धमकी कॉल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गैंग नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन शहरों और कारोबारियों को इस साजिश के तहत निशाना बनाया गया।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे गैंग की रणनीति और संचालन प्रणाली स्पष्ट हो सकेगी।
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