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इस तारीख तक निजी बोरिंग पर प्रतिबंध: जानिये कलेक्टर ने क्यों दिया ऐसा आदेश; किस खतरे की आहट

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 अप्रैल 2026, 1:38 pm
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इस तारीख तक निजी बोरिंग पर प्रतिबंध

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में तेजी से गिरते भूजल स्तर और संभावित जल संकट को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने निजी नलकूप (बोरिंग) खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 7 अप्रैल से 30 जून तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन ने सख्त कदम उठाए
इंदौर शहर में भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पत्र के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए निजी और अशासकीय नलकूप खनन पर रोक लगा दी है।

पूरी तरह प्रतिबंधित
जारी आदेश के अनुसार, 7 अप्रैल से 30 जून तक इंदौर जिले के शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में निजी बोरिंग (नलकूप खनन) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का मानना है कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आगामी गर्मी में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।

क्यों लिया गया फैसला
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (जलप्रदाय) विभाग ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि शहर में भूजल स्रोतों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। ऐसे में पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए यह कदम जरूरी हो गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी 20 मार्च से 15 जून तक इसी तरह का प्रतिबंध लागू किया गया था।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई बोरिंग मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या नलकूप खनन का प्रयास करती है, तो संबंधित मशीन को जब्त किया जाएगा और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

किन मामलों में मिलेगी छूट
अपर कलेक्टरों को विशेष परिस्थितियों में अनुमति देने का अधिकार दिया गया है। नगर निगम क्षेत्र में कार्यपालन यंत्री (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) और ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित विभाग के जांच प्रतिवेदन के आधार पर केवल पंजीकृत एजेंसियों को निर्धारित शर्तों के तहत अनुमति दी जा सकेगी। वहीं, शासकीय योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

दंड का प्रावधान
आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं संशोधन 2002 के तहत 2 हजार रुपए तक का जुर्माना और दो साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है।

जल स्रोतों का अधिग्रहण भी संभव
जरूरत पड़ने पर प्रशासन निजी नलकूपों और जल स्रोतों का अधिग्रहण कर उन्हें सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था में शामिल कर सकता है।

तत्काल प्रभाव से लागू आदेश
कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है।

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