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इंदौर और आसपास के कारोबारी निशाने पर: लॉरेंस गैंग का आतंक; खरगोन फायरिंग केस में राजपाल का खुलासा

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 अप्रैल 2026, 3:38 pm
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इंदौर और आसपास के कारोबारी निशाने पर

10 करोड़ की फिरौती, सोशल मीडिया से भर्ती और विदेश से धमकी का कॉल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के आसपास और प्रदेश के बड़े हिस्सों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री ने कारोबारी और आम जनता में दहशत पैदा कर दी है। खरगोन जिले में 16 मार्च की रात हुई फायरिंग ने इस गैंग की बढ़ती गतिविधियों का खुलासा कर दिया है। जैविक कॉटन कारोबारी दिलीपसिंह राठौर के घर फायरिंग करने वाले लोग सीधे गैंग से जुड़े थे।

पुलिस जांच में पता चला कि एमपी में इस गैंग का नेटवर्क राजपाल सिंह चंद्रावत चला रहा था, जिसने 10 करोड़ रुपए की फिरौती की धमकी दी और अपने लोगों से फायरिंग की रेकी करवाकर उसे अंजाम दिया। इससे पहले भी इंदौर के कुछ व्यापारियों को गैंग से धमकी मिली थी, जिसमें पुलिस अब तक जांच कर रही है।

इधर, पुलिस का कहना है कि गैंग की रणनीति और ऑपरेशन अब सीधे शहर में भी सक्रिय हो चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि चंद्रावत गैंग से पिछले 10 साल से जुड़ा हुआ था। एमपी में गैंग के ऑपरेशन को संचालित करने वाला यह प्रमुख व्यक्ति सिग्नल और अन्य एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए सीधे गैंग से जुड़े रहता था।

जांच में खुलासा हुआ कि राजपाल ने नागदा से शुरुआत की और इंदौर, देवास, रतलाम और खरगोन तक गैंग का नेटवर्क फैलाया। मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद फरवरी 2023 में एनआईए ने राजपाल से पूछताछ की थी, तब पहली बार उसका नाम लॉरेंस गैंग के साथ जुड़ा।

खरगोन में फायरिंग करवाने के लिए उसने अपने लोगों से पूरी रेकी करवाई, शूटर उपलब्ध कराए और फायरिंग का वीडियो बनवाकर कारोबारी से फिरौती की मांग की।

विदेशी नंबर और फिरौती का दबाव
गैंग ने धमकी भरे कॉल अमेरिका और अन्य देशों से कराए, ताकि उनका पता लगाना मुश्किल हो। कॉल करने वाले के पास हर छोटे-बड़े विवरण की जानकारी होती थी। जैसे व्यापारी का परिवार, कारोबार और दिनचर्या। पुलिस ने गैंग के पास से कई फोन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इससे पता चला कि इंदौर के बड़े कारोबारी भी इनके टारगेट बन चुके हैं। इधर, राजपाल ने अपने गांव रत्न्यखेड़ी (नागदा) में सरेंडर किया। सरेंडर से पहले उसने मीडिया से कहा कि उनका मकसद समाज में गलत काम रोकना था।

उसने खुलासा किया कि खरगोन फायरिंग उसके आदेश से की गई। राजपाल ने बताया कि उसका साथी योगेश भाटी सोशल मीडिया पर लॉरेंस जैसी हूडी पहनकर पोस्ट करता था और युवाओं को प्रभावित करता था।

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