जनसुनवाई में झूठी निकली जमीन हड़पने की शिकायत: 35 साल पहले बिक चुकी थी जमीन; भूमाफिया की साजिश का खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर कलेक्टोरेट में जनसुनवाई के दौरान जमीन हड़पने को लेकर की गई एक महिला की शिकायत जांच में झूठी साबित हुई है। दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया कि संबंधित जमीन महिला के पिता करीब 35 साल पहले ही बेच चुके थे। साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि यह शिकायत भूमाफिया के इशारे पर कराई गई थी।
कलेक्टर से लगाई थी गंभीर शिकायत
31 मार्च को आयोजित जनसुनवाई में महिला गीताबाई अपने पुत्र के साथ कलेक्टोरेट पहुंची थीं। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा था कि उन्हें जिंदा होते हुए भी मृत घोषित कर दिया गया और उनकी करोड़ों की जमीन बिल्डर को सौंप दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन का नामांतरण कर दिया गया।
बिल्डर और कंपनी का लिया नाम
शिकायत में महिला ने क्षिप्रा क्षेत्र के ग्राम सिंहासा स्थित सर्वे नंबर 250/6 की जमीन का जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया कि करीब 40 हजार वर्गफीट जमीन मेसर्स बीएम हॉस्पिटैलिटी एंड डेवलपर्स के नाम दर्ज कर दी गई है, जिसके डायरेक्टर जय कुमार बजाज हैं। महिला ने आरोप लगाया था कि यह जमीन उनसे छीनकर बिल्डर को दे दी गई।
जांच में सामने आई सच्चाई
जांच में पाया गया कि यह जमीन मूल रूप से महिला के पिता छोगालाल के नाम पर थी, जिन्होंने 1990-91 में इसे गिरधारी लाल को बेच दिया था। इसके बाद यह जमीन कई बार खरीदी-बेची गई और अंततः वर्ष 2004 में जैन परिवार के पास पहुंच गई। यानी यह संपत्ति पिछले तीन दशकों में कई बार मालिक बदल चुकी है, ऐसे में महिला का दावा निराधार पाया गया।
भूमाफिया के इशारे पर रची गई साजिश
सूत्रों के अनुसार, इस जमीन पर पहले से विकास कार्य की अनुमति वर्ष 2012 में मिल चुकी है। हाल ही में बिल्डर और कुछ स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद को बढ़ाने और जमीन को कानूनी उलझन में डालने के लिए भूमाफिया ने महिला और उसके बेटे को आगे कर झूठी शिकायत कराई।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
जमीन विवादों में बढ़ती सख्ती
इंदौर में जमीनों की बढ़ती कीमतों के बीच ऐसे विवाद लगातार सामने आ रहे हैं। प्रशासन अब फर्जी शिकायतों और भूमाफिया की गतिविधियों पर सख्ती बरतने के संकेत दे रहा है।
संबंधित समाचार
कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई:राजस्व गड़बड़ी मामले में, नायब तहसीलदार को भी कारण बताओ नोटिस

महिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित:पदाधिकारियों को जिम्मेदारी; संगठन को मजबूत करने की कवायद

इस शहर में पुलिस में बड़ा फेरबदल:व्यवस्था सुधारने की कोशिश; कई थानों में तबादलों की लहर, बदल दी टीम

छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया:किस बात को लेकर था तनाव में; कमरे के बोर्ड पर ऐसा क्यों लिखा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!