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विकास या विनाश: निगम की मनमानी से डॉक्टर का सिर फूटा

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मई 2026, 5:43 pm
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विकास या विनाश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। होम्योपैथिक डॉक्टर कपिल दीक्षित, जो इस कार्रवाई के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे तो उन्होंने अपने मकान के बाहर एक बैनर टांगा...जीवित छोड़ देने के लिए नगर निगम और प्रशासन का धन्यवाद! यह तंज उस प्रशासनिक लापरवाही पर है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की जिंदगी बदल दी।

घटना 22 मई की है। डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि जेसीबी बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के मकानों के बेहद करीब चल रही थीं। तभी इनके तार बिजली के खंभे में उलझ गए और चालक ने बिना सोचे-समझे मशीन को जोर से खींचा।

नतीजा यह हुआ कि खंभा सीधा उनके सिर पर आ गिरा। उन्हें गंभीर चोट आई, ब्रेन सर्जरी करवानी पड़ी और कई दिनों तक मौत से लड़ने के बाद वे अस्पताल से लौटे हैं।

डॉक्टर का कहना है कि वे और अन्य निवासी खुद ही अपना निर्माण हटाने के लिए तैयार थे। प्रशासन ने 20 मई को अचानक 24 घंटे का नोटिस दिया और अगले ही दिन भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गया।

सबसे डरावनी बात तो यह रही कि कार्रवाई के दौरान डॉक्टर के मकान की पहली मंजिल की दीवार को भी अचानक मशीनों से ढहा दिया गया, जबकि उस कमरे में उनके बुजुर्ग पिता के होने की पूरी संभावना थी। गनीमत रही कि उस वक्त वे वहां नहीं थे।

आज डॉक्टर दीक्षित और पूरा इलाका प्रशासन से सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है..क्या विकास की राह इतनी बेरहम होनी चाहिए? जब लोग सहयोग को तैयार थे, तो इतनी जल्दबाजी और जान जोखिम में डालने वाली मशीनरी का इस्तेमाल क्यों किया गया?

डॉक्टर के सिर पर लगा गहरा जख्म अब नगर निगम की उस कार्यशैली का जीता-जागता सबूत बन गया है, जहां विकास की फाइलें तो आगे बढ़ गईं, लेकिन मानवीय संवेदनाएं कहीं पीछे छूट गईं।

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