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रोहित हत्याकांड में चार गिरफ्तार फरार आरोपियों की तलाश में छापे: यूएसडीटी और म्यूल खातों के विवाद में हुआ था कत्ल

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मई 2026, 5:04 pm
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रोहित हत्याकांड में चार गिरफ्तार फरार आरोपियों की तलाश में छापे

खुलासा फर्स्ट ने पहले ही किया था खुलासा, पिटाई से बचने दूसरे माले से दिया था धक्का

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित एयरपोर्ट रोड के एक होटल में टैक्सी चालक रोहित बरबेले की बर्बर पिटाई कर दूसरे माले से धक्का देकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार लगातार दबिश दे रही है।

खास बात यह जांच में वही खुलासा हुआ, जिसका खुलासा फर्स्ट ने पहले ही खुलासा कर कर दिया था। पुलिस जांच में साफ हो गया है कि हत्या के पीछे यूएसडीटी और म्यूल खातों के जरिए होने वाले लाखों रुपए के लेनदेन का विवाद था।

पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी करने वालों और यूएसडीटी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को कमीशन पर म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवाने का नेटवर्क चलाते थे।

रोहित बरबेले और उसका साथी पीयूष भी इन्हीं आरोपियों से जुड़े हुए थे। करीब साढ़े चार लाख रुपए के लेन-देन और कमीशन को लेकर विवाद चल रहा था।

डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के मुताबिक आरोपियों ने रोहित और पीयूष को बहाने से होटल बुलाया था। वहां मिलन गौर, पिंटू गोस्वामी, मीत वर्मा और ऋतिक पंवार सहित अन्य आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट की थी।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूला रोहित को डंडों और रॉड से बेरहमी से पीटा था। जान बचाने के लिए वह भागने लगा तो दूसरी मंजिल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी गंभीर हालत में रोहित को एमवाय अस्पताल ले गए और उसे सड़क हादसे का शिकार बताकर फरार हो गए। पुलिस जांच में पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

मामले में दादू, ऋषिकेश, अखिलेश अग्निहोत्री और शैलेंद्र को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क और साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

डीसीपी की पूछताछ ने सुलझा दी गुत्थी
4.50 लाख रुपए की यूएसडीटी के लेन-देन में रोहित बरबेले हत्या करने के बाद आरोपियों ने उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल छोड़कर एक्सीडेंट की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।

डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत ने रोहित के साथी पीयूष ने पूछताछ की। पहले उसने बात छुपाई। एक दिन के बाद पुलिस ने सख्ती करना शुरू की तो उसने घटना का सच कबूलते हुए बताया आरोपियों ने रोहित के साथ साथ उसे भी जमकर पीटा था।

पुलिस ने हिरासत में लेकर अन्य आरोपियों से पूछताछ की तो हत्या की गुत्थी सुलझ गई। इसके बाद रोहित की पत्नी की शिकायत पर सभी को आरोपी बनाते हुए चार को गिरफ्तार कर लिया।

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