ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती बेअसर: 20 दिन में इतने चालान, प्रतिदिन पकड़े जा रहे इतने वाहन चालक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर में ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। भारी जुर्माने के बाद भी लोग नहीं सुधर रहे, हालात यह हैं कि कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां तक छुड़ाने नहीं पहुंच रहे।
अपेक्षित असर नहीं
शहर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान अपेक्षित असर नहीं दिखा पा रहा है। सख्ती के बावजूद शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
2830 वाहन चालकों के चालान
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से 5 अप्रैल के बीच 20 दिनों में कुल 2830 वाहन चालकों के चालान बनाए गए। यानी औसतन रोजाना करीब 140 से अधिक लोग शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े जा रहे हैं। इनमें दोपहिया और चार पहिया दोनों तरह के वाहन चालक शामिल हैं।
रोजाना अभियान का रूप दे दिया
पहले यह कार्रवाई मुख्य रूप से वीकेंड पर शहर के प्रमुख चौराहों पर देर रात की जाती थी, लेकिन अब पुलिस ने इसे रोजाना अभियान का रूप दे दिया है। इसके बावजूद न तो दुर्घटनाओं में कमी आ रही है और न ही लोगों में डर दिखाई दे रहा है।
10 हजार का जुर्माना भी बेअसर
ड्रिंक एंड ड्राइव में पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक का कोर्ट चालान बनाया जा रहा है, लेकिन यह भारी जुर्माना भी लोगों की आदत नहीं बदल पा रहा है। पुलिस का कहना है कि रोजाना एक-दो सड़क हादसे सामने आ रहे हैं, जिनमें कई बार जानलेवा स्थिति बन जाती है।
थानों में बढ़ा वाहनों का बोझ
कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में वाहन जब्त होकर थानों में जमा हो रहे हैं, जिससे उन्हें रखने की भी समस्या खड़ी हो गई है। कई मामलों में तो वाहन चालक अपनी गाड़ियां छुड़ाने तक नहीं आते।
गाड़ी को थाने में ही छोड़ दे रहे हैं
खासकर पुराने दोपहिया वाहन मालिक चालान भरने से बचते हुए गाड़ी को थाने में ही छोड़ दे रहे हैं, क्योंकि कई बार वाहन की कीमत ही 10 हजार रुपए के जुर्माने से कम होती है।
बड़ी चुनौती बनी जागरूकता
पुलिस की सख्ती के बावजूद ड्रिंक एंड ड्राइव पर लगाम नहीं लग पा रही है। ऐसे में अब सबसे बड़ी चुनौती लोगों में जागरूकता बढ़ाने की है, ताकि वे खुद अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी समझें।
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