‘गैस ओ इंडेन’ एजेंसी पर फूटा ग्राहकों का गुस्सा: भागे कर्मचारी; सिलेंडर के लिए परेशान उपभोक्ताओं ने धैर्य छोड़ा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
दवा बाजार स्थित ‘गैस ओ इंडेन’ कार्यालय पर बुधवार को तब अफरातफरी मच गई, जब गैस किल्लत से जूझ रहे सैकड़ों उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। महीनों से रसोई गैस के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ताओं का भारी आक्रोश देख एजेंसी का पूरा स्टाफ काम-काज छोड़कर भाग निकला। ऑनलाइन भुगतान और बुकिंग के बावजूद आम जनता को अपने हक के सिलेंडर के लिए दफ्तर की चौखट पर एड़ियां रगड़ना पड़ रही हैं।
डिंपल वर्मा ने बताया 3 मार्च को बुकिंग कराई थी। तिलक नगर निवासी आस्तिक पटेल 25 मार्च से और जतिन मीमरोट 19 मार्च से दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। मनीष वर्मा, जुबैद कुरैशी और रवींद्र जायसवाल ने बताया एडवांस ऑनलाइन पेमेंट कर दिया है, पर 20 दिनों से सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं।
उपभोक्ताओं ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया डिलीवरी बॉय ऑफिस से रसीद लाने का बहाना बनाकर टाल देते हैं, जबकि ऑफिस में बैठी ऑपरेटर स्वाति चौधरी और प्राची आनंदकर सहयोग करने के बजाय परेशान कर रही हैं। कुलकर्णी नगर के खेमचंद सैनी और जयश्री फुले की समस्या और गंभीर है।
बिल पर मोबाइल नंबर बदल जाने के कारण ओटीपी नहीं मिल रहा है, और इस छोटी सी तकनीकी त्रुटि को सुधारने के नाम पर एजेंसी उन्हें 15 दिनों से दौड़ा रही है। बुधवार दोपहर जब भीड़ अनियंत्रित हुई और लोगों ने अपनी जमा राशि व सिलेंडर पर कड़ा जवाब मांगा, तो वहां मौजूद 6-7 कर्मचारियों का स्टाफ भाग खड़ा हुआ। फिलहाल, बिना सिलेंडर लिए खाली हाथ लौट रहे उपभोक्ताओं में प्रशासन के प्रति भारी रोष है।
ब्लैक में कीमत 2600 रुपए
घरेलू टंकियां ब्लैक हो रही हैं, होटलों में जा रही हैं। चार महीने से परेशान हैं। सारा काम छोड़कर आते हैं लेकिन रिस्पांस नहीं मिलता। बुधवार को बुलाया था। आए तो भाग गए। अब हमें अपना सब काम-काज बंद करना पड़ रहा है, आसपास के लोग भी बहुत परेशान हैं। टंकियां ब्लैक में मिल रही हैं। 1600, 1700, यहां तक कि 2600 रुपए तक मांगे जा रहे हैं।- अंकित, नेहरू नगर, लाला का बगीचा
सप्लाय में भेदभाव
15 दिन पहले नंबर आ गया था, फिर भी टंकी नहीं मिली। यहां की मैडम और अंकल तो बात करने को भी तैयार नहीं हैं। जाने के लिए कह रहे थे। जब मैंने आवाज़ उठाई तो कहा 15 दिन में टंकी आ जाएगी, लेकिन 20 दिन बाद भी नहीं आई। पड़ोसी ने परसों ही एचपी की टंकी बुक की थी। उनकी टंकी बुधवार को आ गई। - स्वाति वाघ, मालवा मिल
दो महीने से परेशान हूं
गोमा की फैल से टंकी लेने सुबह 9 बजे आई हूं। येे लोग कहते हैं आज आना, कल आना। दो महीनों से परेशान हैं। कर्मचारी कहते हैं आपकी टंकी आ जाएगी। हमने केवायसी सहित सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है, फिर भी टंकी नहीं दी जा रही है। एजेंसी के मालिक भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।- डिंपल वर्मा, गोमा की फैल
शिकायत जायज
ग्राहकों की शिकायतें जायज हैं। मुख्य है बुकिंग नहीं हो रही। बुकिंग ऑनलाइन करना पड़ती है। दूसरी है ऑनलाइन बुकिंग के बाद ओटीपी नहीं आता है। बिना ओटीपी के डिलीवरी बॉय सिलेंडर नहीं देता और वापस ले आता है।
यह भी जायज है। भीड़ यह जानने के लिए इकट्ठा हुई थी कि साहब बताइए तो सही क्या करें। केवायसी को लेकर परेशानी है। कई लोगों ने सालों से सिलेंडर नहीं लिया तो उनका कनेक्शन कैंसिल हो गया। चालू कराने के लिए केवायसी जरूरी है।
इसके दो-तीन तरीके हैं। एक तो लड़का घर जाकर कर देता है और जो बुजुर्ग यहां नहीं आ सकते, उनका घर पर ही केवाईसी कर लेते हैं। दूसरा एक एप है ‘इंडियन ऑयल वन’, उससे घर से भी केवायसी कर सकते हैं। दिक्कत यह है जब सर्वर डाउन रहता है या ठीक नहीं चलता, तो केवाईसी अपडेट नहीं होता है।
पैनिक बुकिंग भी हो रही है। भीड़ पैनिक बुकिंग की है। सामान्यतः अगर 400-500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, तो अभी पैनिक बुकिंग में यह संख्या 700-800 तक पहुंच गई है, इतनी सप्लाई मिल नहीं रही। - रवि भास्कर, पार्टनर, ‘गैस ओ इंडेन’ गैस एजेंसी, टैगोर सेंटर, दवा बाजार
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