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कांग्रेस का इस दिन प्रदेशव्यापी आंदोलन: किसानों के साथ क्रूर विश्वासघात का आरोप; जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 अप्रैल 2026, 5:17 pm
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कांग्रेस का इस दिन प्रदेशव्यापी आंदोलन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा सरकार ने किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है और प्रदेश का अन्नदाता आज अपने ही हक के लिए सड़कों पर आने को मजबूर है। मध्यप्रदेश में आज किसान सबसे ज्यादा पीड़ित और उपेक्षित वर्ग बन गया है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने चुनाव के समय किसानों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरी तरह भुला दिया गया है। यह किसानों के साथ सीधा-सीधा क्रूर विश्वासघात है।

यह बात आज इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता आज अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मंडियों में अव्यवस्था, खरीदी में देरी और बारदाने की कमी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है।

ऊपर से प्राकृतिक आपदाओं ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित किसानों को अब तक समुचित मुआवजा नहीं मिला है। कांग्रेस पार्टी किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 9 अप्रैल को प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। इसमें हर जिले में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर किसानों को बिचौलियों के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है। सरकार ने खरीदी की तारीखों को तीन बार आगे बढ़ाया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल और अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी का निर्णय केवल इसलिए लिया गया है ताकि किसान अपनी फसल कम दामों में व्यापारियों को बेच दें।

ओलावृष्टि से प्रदेश के 17 जिलों में फसलें बर्बाद हो गईं। मंडियों में भी हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया। कैग की रिपोर्ट बताती है कि किसानों के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत राशि सरकार ने खर्च ही नहीं की, जबकि प्रदेश में कर्ज के कारण दो साल में 1229 किसानों ने आत्महत्या कर ली।

इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि खरीदी में की जा रही देरी, बारदाने की कमी का बहाना और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की उपेक्षा सरकार की किसान-विरोधी नीति का प्रमाण है। इंदौर जिला सहित पूरे प्रदेश में किसान आज बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर भारी अव्यवस्था है।

किसानों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है, फिर भी उनकी फसल समय पर नहीं खरीदी जा रही। पत्रकार वार्ता में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौकसे, अमित चौरसिया, प्रमोद द्विवेदी भी उपस्थित थे।

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