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300 करोड़ की जमीन को लेकर विवाद: आरोप-प्रत्यारोप का दौर; अभिनेत्री की शिकायत के बाद बोले शराब ठेकेदार- जमीन सरकारी, पुलिस ने बिना जांच दर्ज की एफआईआर

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 अप्रैल 2026, 4:30 pm
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300 करोड़ की जमीन को लेकर विवाद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शराब ठेकेदार सूरज रजक के खिलाफ 300 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जे की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया गया है। लसूडिया थाना पुलिस ने यह कार्रवाई मुंबई की एक टीवी अभिनेत्री की शिकायत के आधार पर 3 अप्रैल की देर रात की है। दूसरी ओर इस मामले में सूरज रजक का कहना है कि पुलिस ने मामले की तह में जाए बिना एफआईआर कर ली है।

मुख्य सचिव को शिकायत के बाद एफआईआर
जानकारी के अनुसार इस मामले में शिकायतकर्ता रेमन कक्कर ने आरोप लगाया कि उनकी पारिवारिक जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि पहले शिकायत के बावजूद एफआई दर्ज नहीं हुई थी। उन्होंने मुख्य सचिव अनुराग जैन से इस मामले की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।

300 करोड़ की जमीन पर कब्जे की कोशिश
शिकायत के मुताबिक, इंदौर के निपानिया क्षेत्र में स्थित सर्वे नंबर 414 की करीब 2 हेक्टेयर जमीन पर यह विवाद है, जिसकी कीमत लगभग 300 करोड़ रुपए बताई जा रही है। शिकायत करने वाले पक्ष के अनुसार यह जमीन एक्ट्रेस की मां नरेंद्र कौर सलूजा, भाई पुष्पेंद्र सलूजा और रणधीर सलूजा के संयुक्त स्वामित्व में है।

पहले किराए पर मांगी जमीन, फिर बढ़ा विवाद
आरोप है कि सूरज रजक ने पहले एक्ट्रेस के पति ऋषि कक्कर से फोन पर करीब 6000 वर्गफीट जमीन शराब दुकान के लिए किराए पर मांगी थी। परिवार द्वारा इनकार करने के बाद रजक ने उनके भाई और मां से भी संपर्क किया, लेकिन सभी ने जमीन देने से साफ मना कर दिया।

3 अप्रैल को मौके पर कब्जे की कोशिश
शिकायत के अनुसार, 3 अप्रैल को जब परिवार जमीन पर पहुंचा, तो वहां कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश करते मिले। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

सूरज रजक का पक्ष
इस मामले में खुलासा फर्स्ट से बातचीत करते हुए सूरज रजक ने कहा कि हम सरकारी दुकान के लिए जमीन देख रहे थे। जिस जमीन को लेकर बात की जा रही है वह निजी नहीं सरकारी है। सामने वाला पक्ष मास्टर प्लान की जमीन को अपना बता रहा है। सरकारी जमीन पर सरकारी शराब की दुकान संचालित की जा सकती है, इसलिये हमने अधिकारियों से चर्चा कर आवेदन दिया था।

उनका कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच किए बगैर तुरतफुरत में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब हमने अपना पक्ष पुलिस के सामने रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीन सरकारी ही है, निजी नहीं। हमने विधिवत अनुमति लेकर ही वहां काम किया था। उनके अनुसार आपत्ति के बाद वहां से काम अभी हटा लिया गया है। हमने भी इस संबंध में पुलिस थाने पर आवेदन दिया है।


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