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शेयर बाजार के नाम पर इतने करोड़ की ठगी का खुलासा: इतनी राशि लौटाने का दिया झांसा; यह शख्स दो माह तक उलझा रहा, इतने आरोपी गिरफ्तार

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 अप्रैल 2026, 3:40 pm
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शेयर बाजार के नाम पर इतने करोड़ की ठगी का खुलासा

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर 3 करोड़ 4 लाख रुपए ठग लिए गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

फेसबुक लिंक से शुरू हुआ ठगी का खेल
गौरा बाजार क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय डॉक्टर अपने क्लीनिक में फेसबुक चला रहे थे, तभी उन्हें शेयर बाजार से जुड़ा एक लिंक दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के बाद अगले ही दिन उन्हें कॉल आया।

खुद को निवेश सलाहकार बताया
फोन करने वालों ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए शेयर मार्केट में रोजाना 91% और लंबे समय में 500% तक रिटर्न देने का दावा किया। शुरुआत में छोटी-छोटी रकम से भरोसा जीतकर डॉक्टर को धीरे-धीरे बड़े निवेश के लिए तैयार किया गया।

फर्जी ऐप में दिखाया जाता था मुनाफा
ठगों ने डॉक्टर को एक लिंक भेजकर एक मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया और उसमें ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया। इस ऐप में निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई जाती थी, जिससे डॉक्टर को भरोसा हो गया कि उनका पैसा सुरक्षित और बढ़ रहा है। इसी झांसे में आकर डॉक्टर ने करीब 2 महीने के भीतर अलग-अलग किश्तों में कुल 3.04 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।

अकाउंट बंद होते ही खुला राज
जब निवेश की रकम काफी बढ़ गई, तो ठगों ने अचानक ऐप और अकाउंट बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

80 लाख रुपए होल्ड, 2 आरोपी गिरफ्तार
एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की और दो आरोपियों—संस्कार केशरवानी (शीतलामाई निवासी) और सौरभ विश्वकर्मा (खमरिया तिघरा निवासी) को गिरफ्तार किया।

जांच में हुआ यह खुलासा
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बैंक खातों को खरीदकर उनके जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे और फिर पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 लाख रुपए होल्ड भी करवा लिए हैं।

टेलीग्राम नेटवर्क से चलता था गिरोह
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह Telegram जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में फैला हुआ था। आरोपी फर्जी या खरीदे गए बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम इकट्ठा करते और फिर आपस में बांट लेते थे।

पुलिस की एडवाइजरी: ऐसे बचें साइबर ठगी से
ज्यादा या “गारंटीड” रिटर्न देने वाले ऑफर से सतर्क रहें। अनजान कॉल, WhatsApp या Telegram ग्रुप से निवेश सलाह न लें। केवल SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें। ऐप हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। अपनी बैंक डिटेल्स और OTP किसी के साथ साझा न करें

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