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भागीरथपुरा में मौत की पाइप लाइन: 36 मौतों के बाद भी नल उगल रहे जहरीला पानी

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 अप्रैल 2026, 4:55 pm
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भागीरथपुरा में मौत की पाइप लाइन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में निगम की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। करोड़ों रुपए खर्च कर नर्मदा की नई पाइपलाइन डालने के दावों के बीच आज भी रहवासियों के घरों में बदबूदार और दूषित पानी पहुंच रहा है।

यह वही इलाका है जहां पिछले दिनों दूषित जल के सेवन से तीन दर्जन से अधिक लोग काल के गाल में समा गए थे। दर्दनाक हकीकत यह है कि इन मौतों के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है और जिम्मेदार अधिकारी अब भी पुरानी गलतियों से सबक लेने को तैयार नहीं हैं।

क्षेत्र के डिक्स वाली गली में रहने वाले रहवासी अजय गायकवाड़ का दर्द प्रशासन की संवेदनहीनता का खुलासा करता है। अजय ने बताया कि इसी दूषित पानी की वजह से उन्होंने अपने भाई हेमंत गायकवाड़ को खो दिया, लेकिन आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

नई पाइपलाइन बिछाने के बाद भी नलों से निकलने वाला गंदा पानी क्षेत्र में फिर से किसी बड़ी बीमारी या जनहानि की आहट दे रहा है। अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए रहवासियों ने नलों से आ रहे गंदे पानी का वीडियो भी बनाया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने लायक तो दूर, नहाने योग्य भी नहीं है।

रहवासी श्रीकांत रतनेरे, मोहित धड़कर और दीपक तिमलिया सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जब पानी की टंकी पर तैनात निगम कर्मियों को इस समस्या से अवगत कराया, तो उन्हें समाधान के बजाय टका सा जवाब मिला कि अपना कनेक्शन चेक करवा लो। हैरानी की बात यह है सी एम हेल्पलाइन (181) भी इस गंभीर मुद्दे पर बेअसर साबित हो रही है।

रहवासियों का आरोप है कि वे अपनी शिकायत दर्ज तो कराते हैं, लेकिन बिना किसी जमीनी सुधार या निराकरण के ही शिकायत को सिस्टम से हटा दिया जाता है। कागजों पर समस्या हल दिखाई जा रही है, जबकि हकीकत में भागीरथपुरा की जनता आज भी गंदा पानी पीने को मजबूर है।

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